मेरी सारी कमियों को नज़रअंदाज़ किया जाए एक नई सी कहानी का आग़ाज़ किया जाए
सुर सारे बेसुरे लगने लगे हैं चलो फिर से जीने का रियाज़ किया जाए
ख़ामोशी की भी अपनी ज़ुबाँ है जानिबज़रूरी नहीं हर लफ़्ज़ को आवाज़ किया जाए
सब की हाँ में हाँ भरने लगा हूँ अब वक़्त आ गया अपना इलाज किया जाये