Keemat

लोग नहीं जानते मेरी कीमत अभी
जो बिखरा पड़ा हूँ कोई उठाता नहीं

किसका घर जला है यहाँ, किसने राख मल ली है
कोई पूछता नहीं, मैं बताता नहीं

कुछ राज़ अपने, अपनों से कह दिए थे कभी
बस उस दिन से बातें में खुद को भी बताता नहीं

हाथ में खंजर से कुछ लकीरें जड़ दी हैं
जिसने लिख दी हैं, वो मिटाता नहीं

हवाओं की छत पर परिंदे शोर करने लगे हैं ‘शिव’
आदम तो बहुत हैं, इंसान कोई नज़र आता नहीं

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ग़ज़ल…

नरम से आसमान में लिपटी किसी सुनहरी सुबह सी
जो तुम दबे पाँव मेरे पास आओगी
तो वो क्या ग़ज़ल होगी..

मेरे लफ़्ज़ों की अंगड़ाइयों में, ज़रा आंख मलते मलते
जो वो पुराने वाले गीत गुनगुनाओगी
तो वो क्या ग़ज़ल होगी..

आँखों की झील में मेरी पलकों के किनारे
जो तुम अपने पैरों से पानी उड़ाओगी
तो वो क्या ग़ज़ल होगी..

सोचता हूँ की अब लिख दूँ ये सब शायरी तुम्हे
इसे पढ़कर तुम जो दांतो तले ऊँगली दबाओगी
तो वो क्या ग़ज़ल होगी..

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शहर

ना यहाँ लोग कांच के, न दिल ये पत्थर का,

इस शहर में अब जी लगाना क्या

 

यहां मौसम भी आदमी सा रंग बदलता है

ऐतबार कैसा, कौनसी उम्मीद, हँसना कैसा, रुलाना क्या

 

सुर्ख आँखें भीगी सी, लब सूखे हुए

सब समझ आ रहा है, अब और समझाना क्या

 

कागज़ के फूल घर में, पेड़ों की लाश बाहर

ज़हर खा गया है ये ज़माना क्या

 

चिंगारियां उठी हैं तो शोले उड़ेंगे,

इस आग से अब यार घबराना क्या

 

बदमिजाज दोस्त, खुशमिज़ाज दुश्मन

बिन पिए “शिव” लड़खड़ाना क्या

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I sing an old song…

I walk by the streets
I sing an old song
there are some merchants
who hawk their stories
some old, some freshly baked

I fall for this one
the one with mountains and rivers
there’s freshly stoked tea somewhere
the lump of ginger, I feel it in my throat
There’s a tea stall on the other side
the one where people brew their dreams

An old man pours a story
the chai wallah flavors it
I sip a few words,
I try to gulp some down

My story seems incomplete
I add some more lies, sugar coated
they blend well, the stories
but some words fall down
unknowingly, or knowingly perhaps
in my cup of tea

I call for another one
some more storms steamed in
my half-empty cup
my half-filled stories
I crush, and swing them around

As I start again,
I walk by the streets
I sing an old song.

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कतरा क़तरा

कतरा क़तरा मेरे ठन्डे अश्क,
कतरा क़तरा तेरी बहकी चाहत

कतरा क़तरा मेरी उलझी आहें,
कतरा क़तरा तेरी सांस की आहट

कतरा क़तरा तेरे जिस्म की खुशबू,
क़तरा क़तरा मेरे रूह के हिस्से

कतरा क़तरा मेरे लहू की रंजिश,
क़तरा क़तरा तेरे प्यार के किस्से

कतरा क़तरा तेरी यादों का मंजर,
कतरा क़तरा मेरे कफ़न से रिश्ते

कतरा क़तरा मेरे पिघलते सपने,
क़तरा क़तरा इस मौत की किश्तें

 

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Solace

When the vast sky says hello to the enormous ocean
It’s just the breeze I hear among the roars

A half-dressed sun hides beneath the clouds
I try to dress it with a half-naked orange moon

This evening seems to have lost its sheen
And the night seduces the stars into illusion

orange

Image Credits: crazycameragal.wordpress.com

The sun-baked hopes seem to wither
I wash their face with a new song

I look up, and then down as the silence caresses me
I hear a good-bye, my shadow moves away

It’s just me and the night, as we sleep hand in hand
a cushion of the half-naked orange moon, and a blanket of dreams

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