Nai subah

ये मौसम अचानक क्यों बदलने लगे
यूँ अमीरों के घर कबसे जलने लगे

ये कैसी हवा चली रवानी से
परिंदे अपने पर कतरने लगे

रंग उतर गए सफेदपोशों के
चंद कागज़ जब से रंग बदलने लगे

आसमान थे जितने, अपने चाँद तारों के साथ
आज ज़मीन पर क्यों उतरने लगे

रात तो सब ठीक था, शीशे के घरोंदों में
सुबह होते ही ये खिड़कियों पे परदे क्यों लगने लगे

Feed the hungry blog: Share the care
0